अक्सर ऐसा होता है कि आपके पास अपने मेडिकल खर्चों की पूरी भरपाई करने के लिए एक से अधिक स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी होती हैं। इसका एक तो कारण यह हो सकता है कि आपने अपनी कंपनी की ओर से दी जाने वाली ग्रुप इंश्योरेंस में दी गई सुरक्षा के अतिरिक्त सुरक्षा लेने के लिए एक पॉलिसी अलग से भी ली हो। दूसरा कारण यह हो सकता है कि आपके पास पुरानी पॉलिसी हो और अधिक सुरक्षा लेने के लिए अपने एक दूसरी स्वास्थ्य योजना ले ली हो। तीसरे कारण के रूप में हो सकता है कि आपके पास दो पॉलिसी हों जिनमें से एक में आपके माता-पिता की और दूसरी पॉलिसी में आपके जीवनसाथी और बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा की गई हो।
2013 में बीमा नियमन और विकास प्राधिकरण (IRDA) ने बीमा नियमों में कुछ परिवर्तन किए हैं। इन परिवर्तनों से पहले हर बीमा योजना में एक योगदान करने का प्रावधान होता था। इसके अनुसार दावा प्रस्तुत करते समय बीमा धारक बीमा राशि के अनुपात के बराबर राशि का अंशदान करेगा।
सुधारों के बाद अब प्रक्रिया सुविधानुसार व सरल हो गई है। अब नए सुधारों के अनुसार यदि दावा राशि बीमा राशि से कम है तब अंशदान नियम लागू नहीं होगा। लेकिन यदि बीमा धारक द्वारा प्रस्तुत किया गया दावा बीमा राशि से अधिक है तब यह नियम लागू होगा। लेकिन यह बीमा धारक की मर्ज़ी के ऊपर होगा कि वह किस कंपनी के सम्मुख अपना पहला दावा प्रस्तुत करेगा।
इस प्रकार के दावे की स्थिति में आप एक बीमा कंपनी के सम्मुख अपना दावा प्रस्तुत करके उसका पूर्ण विवरण संक्षेप में ले लें। प्रक्रिया के अंत में, आपको सभी बिलों की सत्यापित प्रतियों की ज़रूरत होगी। इस समय आप दूसरी कंपनी के पास शेष राशि के पुनर्भुगतान के लिए दावा प्रस्तुत कर सकते हैं।
सामान्य रूप से कैशलेस दावे सुविधाजनक होते हैं क्योंकि बीमा कंपनी अस्पताल के बिलों का सीधे ही निपटारा कर देती है। लेकिन कुछ अस्पताल इस प्रक्रिया का पालन नहीं करते हैं। उनके नियम के अनुसार आपको पहले पूरे बिलों का भुगतान करना होगा और उसके बाद आप स्वास्थ्य बीमा दावा प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। इस स्थिति में बीमा कंपनी के पास आपको सभी बिल और दस्तावेज़ मूल प्रति के रूप में देने होंगे जो बीमा कंपनी के पास ही रह जाएँगे।
जब आप एक से अधिक बीमा कंपनियों से स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी लेते हैं तब अस्पताल में भर्ती होने के समय आपको सभी को सूचित करना होगा। इसके बाद आप अपनी सुविधा के अनुसार उस पहली कंपनी का चयन कर सकते हैं जहां से आपको पहला दावा लेना होगा। इस दावे को लेने के लिए जिन दस्तावेज़ों की जरूरत होगी वो हैं:
बिल और रसीद
डिस्चार्ज फॉर्म
डाइग्नोस्टिक टेस्ट
डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन
जब आप स्वास्थ्य बीमा दावा तैयार करते हैं तब आपके लिए सुझाव है कि आप अपने कार्यस्थल के बीमा को पहले चुनें जिससे दावे का काम जल्दी और सुविधानुसार हो जाएगा। इसके अलावा यहाँ बताए गए सभी दस्तावेज़ों की अस्पताल से एक से अधिक सत्यापित प्रतियाँ बनवा लें। आपकी पहली बीमा कंपनी दिये गए दावे का सारांश देगी जिसे आपको शेष राशि का दावा लेने के लिए दूसरी बीमा कंपनी के पास देना होगा।
इस बात की भी संभावना हो सकती है कि आपके दावे को मना कर दिया जाये। इसका कारण यह भी हो सकता है कि आपने नयी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी को लेते समय बीमा कंपनी को पहले से मौजूद बीमा पॉलिसी के बारे में नहीं बताया हो। या फिर यह भी हो सकता है कि दावा राशि आपके द्वारा किए जाने वाले अंशदान से अधिक हो गई हो।
बढ़ते हुए मेडिकल खर्चों के कारण एक अच्छी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी का होना बहुत जरूरी होता है। इसके लिए यही सुझाव दिया जाता है कि आप छोटी-छोटी बीमा राशि के अनेक योजना लेने के स्थान पर एक ही बीमा योजना में अधिकतम बीमा सुरक्षा ले लें।
स्वास्थ्य बीमा योजना और इसके लाभों के बारे में जानने के लिए यहाँ क्लिक करें
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