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स्वास्थ्य बीमा और कोविड-19 महामारी में इसकी भूमिका

प्रकाशित होने की तिथि : 03/04/2020

एचडीएफसी अर्गो में पॉलिसी के नियम एवं शर्तों के अधीन सभी स्वास्थ्य बीमा में कोरोना वायरस के इलाज से जुड़े अस्पताल के ख़र्च शामिल होते हैं। अस्पताल में भर्ती होने के पूर्व के ख़र्च से लेकर निदान और परामर्श आदि के ख़र्च भी हमारी पॉलिसी में शामिल होते हैं। स्वस्थ्य बीमा के नियम एवं शर्तों के अनुसार, अगर एक पंजीकृत अस्पताल में पंजीकृत डॉक्टर द्वारा कोविड-19 की जाँच किये जाने के बाद परिणाम पॉज़िटिव आता है तो बीमा में क्वारंटीन से जुड़े चिकित्सा संबंधी ख़र्च भी शामिल होंगे।

ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य बीमा होना बेहद फ़ायदेमंद साबित हो सकता है क्योंकि इसमें ज़रूरी इलाज के लिए होने वाले ख़र्च भी शामिल होते हैं। अगर आप कोरोनावायरस से संक्रमित हैं तो इलाज के लिए आपको विभिन्न प्रकार के ख़र्च उठाने होंगे। आप अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दीजिए और हम बीमा पॉलिसी के माध्यम से आपके अस्पताल में भर्ती होने के पूर्व तथा बाद में भी निदान, परामर्श आदि के ख़र्चों का ख़्याल रखेंगे। हमारे स्वास्थ्य बीमा में बिना किसी इलाज के आइसोलेशन के ख़र्च शामिल नहीं होते हैं। कोविड-19 की जाँच पॉज़िटिव आने पर अस्पताल में भर्ती होने के पहले, दौरान और बाद के ख़र्च भी बीमा में शामिल होते हैं। लेकिन ध्यान दें, कोविड-19 के लिए डेकेयर या डोमिसाइल इलाज के ख़र्च स्वास्थ्य बीमा में शामिल नहीं होंगे।

अगर आपके पास एचडीएफसी अर्गो की स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी है तो हम मौजूदा बीमा में भी कोरोनावायरस के इलाज में होने वाले ख़र्चों को भी शामिल करेंगे। हमारी स्वास्थ्य योजनाओं के बारे में अधिक जानने के लिए यहाँ क्लिक करें स्वास्थ्य बीमा योजना

एचडीएफसी अर्गो मौजूदा बीमारी के विरुद्ध दावा करने के लिए 1 महीने का वेटिंग पीरियड होता है। पॉलिसी में शामिल एवं बहिष्कृत ख़र्चों के बारे में अधिक जानकारी के लिए पालिसी शब्द रचना एवं विवरणिका पढ़ें। ऊपर दी गयी जानकारी सिर्फ़ उदाहरण के तौर पर दी गयी है।

कोरोनावायरस के इलाज के लिए एचडीएफ़सी अर्गो स्वास्थ्य बीमा क्यों चुनें?

कमरे का किराया
कमरे का किराया
क्या आप यह सोच रहे हैं कि आपकी मौजूदा बीमा पॉलिसी में अस्पताल का कमरा किराया शामिल नहीं है? माय हेल्थ सुरक्षा में आपको मिलेंगी सभी स्वास्थ्य सुविधाएं
अस्पतालों में भर्ती होने की कैशलेस सुविधा
अस्पतालों में भर्ती होने की कैशलेस सुविधा
ज़रूरी इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होने का ख़र्च आपको अपनी जेब से न देना पड़े इसके लिए हमारे स्वास्थ बीमा की मदद से 10,000+ अस्पतालों में बेफ़िक्र होकर कैशलेस इलाज करा सकते हैं। कैशलेस सुविधा से आप अस्पताल में भर्ती होकर इलाज करवा सकते हैं और आपको इसका भुगतान भी नहीं करना होगा।
कोविड-19 संबंधी इलाज के ख़र्च शामिल
कोविड-19 संबंधी इलाज के ख़र्च शामिल
हम अपनी स्वास्थ्य बीमा में कोविड-19 से जुड़ी ज़रूरी जाँच, इलाज एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को भी शामिल करते हैं। कोविड-19 के इलाज के लिए सिर्फ़ सकारात्मक जाँच, अस्पताल में भर्ती होने और छोड़ने के बाद के ख़र्चों को ही स्वास्थ्य बीमा के अंतर्गत शामिल किया जाएगा।
क्वारन्टीन में भर्ती होने का ख़र्च भी शामिल
क्वारन्टीन में भर्ती होने का ख़र्च भी शामिल

स्वास्थ्य बीमा के नियम एवं शर्तों के अनुसार सिर्फ़ पंजीकृत चिकित्सालय में क्वारन्टीन का ख़र्च शामिल होगा। किसी जाँच के बिना आइसोलेशन/क्वारन्टीन का ख़र्च स्वास्थ्य बीमा के अंतर्गत नहीं आएगा।

 

कोरोनावायरस के लिए हमारी हेल्थ इन्शुरन्स के बारे में जानें

सुझाया गया स्वास्थ्य बीमा
व्यक्तिगत हेल्थ इन्शुरन्स

क्षतिपूर्ति आधारित स्वास्थ्य बीमा ऐसा बीमा होता है जिसमें अगर बीमाधारक अस्पताल में भर्ती होता है तो अस्पताल में होने वाले ख़र्च की भरपाई बीमा कंपनी करती है।

फैमिली स्वास्थ्य बीमा
फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स

अपने स्वास्थ्य बीमा से ही अपने परिवार के सदस्यों को भी दीजिए ज़रूरी स्वास्थ्य सुरक्षा। हमारी फैमिली स्वास्थ्य बीमा योजना से आप किफ़ायती प्रीमियम के दामों अपने पूरे परिवारी को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं दे सकते हैं।

सुपर टॉप अप स्वास्थ्य बीमा
सुपर टॉप अप हेल्थ इन्शुरन्स

क्या आपके पास भी एक से ज़्यादा स्वास्थ्य बीमा जैसे निजी स्वास्थ्य बीमा या करचारी स्वास्थ्य बीमा हैं? अगर आप भी कम प्रीमियम में अतिरिक्त बीमा राशि पाना चाहते हैं? तो हम आपके लिए लेकर आए हैं सुपर टॉप-अप स्वास्थ्य बीमा योजना। हमारे माय हेल्थ सुरक्षा में उपलब्ध सुपर टॉप-अप स्वास्थ्य बीमा योजना आपके लिए बेहतरीन विकल्प है।

कोरोनावायरस संबंधी इलाज में कौन से ख़र्च बीमा में शामिल हैं ?

सम इंश्योर्ड रिबाउंड
सम इंश्योर्ड रिबाउंड

स्वीकार्य दावा राशि के बराबर अतिरिक्त बीमा राशि मिल सकेगी लेकिन यह राशि मूल बीमा राशि से ज़्यादा नहीं हो सकती है।

अस्पताल में भर्ती होने के ख़र्च
अस्पताल में भर्ती होने के ख़र्च

बिस्तर किराया, नर्सिंग किराया, रक्त जाँच, आईसीयू, से लेकर परामर्श शुल्क भी बीमा योजना में शामिल हैं।

भर्ती होने से पहले के ख़र्च
भर्ती होने से पहले के ख़र्च

अस्पताल में भर्ती होने से पहले भी डॉक्टर की फ़ीस, जाँच, एवं दवाइयों के ख़र्च होते हैं। भर्ती होने से 60 दिन पहले तक के ऊपर बताए गए चिकित्सा संबंधी ख़र्च भी इसमें शामिल हैं।

अस्पताल छोड़ने के बाद के ख़र्च
अस्पताल छोड़ने के बाद के ख़र्च

अस्पताल से वापस आने के 180 दिन तक डॉक्टर के परामर्श तथा इलाज आदि के ख़र्च की पूरी भरपाई इस स्वास्थ्य बीमा में शामिल है।

वैकल्पिक चिकित्सा (गैर एलोपैथी)
वैकल्पिक चिकित्सा (गैर एलोपैथी)

हम आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध, तथा होम्योपैथी चिकित्सा में भी आपको सेवा प्रदान करते हैं। आप अपनी इच्छा से कोई भी चिकित्सा चुन सकते हैं और ज़रूरत के समय हम आपकी सेवा में हमेशा तैयार हैं।

घरेलू स्वास्थ्य सुरक्षा
घरेलू स्वास्थ्य सुरक्षा

अगर आपके डॉक्टर ने आपको घर पर इलाज की सलाह दी है तब भी आप घर से ही हमारी ^^^कैशलेस सुविधाओं का लाभ पा सकते हैं।

रिकवरी लाभ
रिकवरी लाभ

अगर बीमाधारक लगातार 10 दिन से ज़्यादा अस्पताल में भर्ती रहता है तो बीमाधारक को ₹5,000 का एकमुश्त लाभ भी मिलेगा ताकि वह घरेलू ख़र्चों की चिंता किए बग़ैर अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दे सके।

एम्बुलेंस का ख़र्च
एम्बुलेंस का ख़र्च

गंभीर आपातकाल की परिस्थिति में घर से अस्पताल के लिए एम्बुलेंस (उसी शहर में) के ख़र्च भी शामिल होंगे।

अंगदाता ख़र्च
अंगदाता ख़र्च

अंग दान करने जैसे नेक काम के लिए अगर अंगदाता को अंग ट्रांसप्लांट करवाना पड़ता है तो संबंधी ख़र्च भी इसमें शामिल है।

अगर कोविड-19 की जाँच पंजीकृत डॉक्टर द्वारा हुई है और परिणाम पॉज़िटिव है तो पॉलिसी में शामिल एवं बहिष्कृत ख़र्चों के बारे में अधिक जानकारी के लिए पॉलिसी शब्द रचना एवं विवरणिका में पढ़ें।

कोरोना वायरस के बारे में ज़रूरी जानकारी

कोरोना वायरस संक्रमण वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य समस्या और चिंता का कारण बन गया है। यह सांस से जुड़ा संक्रमण है जो जानवरों और इंसानों के बीच फैल सकता है। इस संक्रमण के सामान्य लक्षणों में सांस लेने में तकलीफ़, बुखार, और खाँसी शामिल हैं। अधिक गंभीर मामलों में, इस संक्रमण से निमोनिया, सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम, गुर्दे ख़राब और यहाँ तक कि मृत्यु भी हो सकती है। संक्रमण को रोकने के लिए आप कुछ ज़रूरी उपाय अपना सकते हैं जैसे नियमित रूप से हाथ धोएँ, खाँसते और छींकते समय नाक और मुँह को ढकें, माँस और अंडों को अच्छी तरह पकाकर ही खाएँ। खाँसने या छींकने वाले व्यक्ति के संपर्क में आने से परहेज़ करें।

कोरोना वायरस के बारे में अधिक जानें: एहतियात और रोकने के उपाय

कोरोना वायरस के बारे में अधिक जानें
कोरोना वायरस के बारे में अधिक जानें
कोरोना वायरस के बारे में अधिक जानें

क्वारंटीन | सेल्फ आइसोलेशन | सोशल डिस्टन्सिंग

क्वारंटीन प्रक्रिया
क्वारंटीन प्रक्रिया

क्वारंटीन के दौरान आपको अलग कमरे में रखा जाता है और आपके स्वास्थ्य से जुड़ी ज़रूरी जानकारी के लिए आपके स्वास्थ्य पर नज़र रखी जाती है। अगर आपको संक्रमण के लक्षण महसूस हो रहे हैं या आपने कोरोना प्रभावित देशों में यात्रा की है या आप संक्रमित व्यक्ति से शारीरिक संपर्क में आये हैं तो आप ख़ुद ही या सरकारी स्वास्थ्य अधिकारी के सुझाव के अनुसार क्वारंटीन हो सकते हैं।

सेल्फ आइसोलेशन
सेल्फ आइसोलेशन

अगर आपने कोरोना संक्रमित देश की यात्रा की है या आपको कोरोना वायरस संबंधी लक्षण महसूस होते हैं तो आप ख़ुद को अन्य लोगों से दूर कर सकते हैं और एहतियात के तौर पर सार्वजनिक स्थानों पर जाने से परहेज़ कर सकते हैं ताकि आपके माध्यम से वायरस न फैले।

सामाजिक दूरी
सोशल डिस्टन्सिंग

संक्रामक कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए और एहतियात के तौर पर आपको भीड़ वाले इलाक़ों और सामाजिक मेलजोल से परहेज़ करना चाहिए। इसे सामाजिक दूरी कहा जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कोरोना वायरस से बचने के लिए हमने विभिन्न उपायों के बारे में बताया है। इसके अलावा, हम आपको स्वास्थ्य बीमा योजना खरीदने की भी सलाह देते हैं ताकि भविष्य में अगर आप या आपके परिवार के किसी सदस्य को संक्रमण के सामान्य लक्षण महसूस हों तो आप बेझिझक स्वास्थ्य सहायता ले सकते हैं और बीमा योजना से अपने ख़र्चों का निपटान कर सकते हैं।
आप एहतियाती उपायों का पालन करके कोरोनोवायरस महामारी से निपटने में सफ़ल हो सकते हैं। सामाजिक दूरी बनाने के साथ-साथ अपने घर और आस-पास की नियमित सफ़ाई करना भी ज़रूरी है। आपको इस बात का पूरा ध्यान रखना होगा कि सर्दी, खाँसी, ज़ुकाम आदि जैसी बीमारियों के छोटे से छोटे लक्षणों के बारे में भी अपने डॉक्टर को तुरंत बताएं। हम आपको स्वास्थ्य बीमा योजना खरीदने की भी सलाह देते हैं ताकि भविष्य में अगर आप या आपके परिवार के किसी सदस्य को संक्रमण के सामान्य लक्षण महसूस हों तो आप बेझिझक स्वास्थ्य सहायता ले सकते हैं और बीमा योजना से अपने ख़र्चों का निपटान कर सकते हैं।
वर्तमान स्थिति में कोविड-19 के शुरुआती लक्षण हैं बुखार, थकान, और सूखी खाँसी। कुछ मरीज़ों को सरदर्द, बंद नाक, बहती हुई नाक, गले में ख़राश या दस्त जैसे लक्षण भी महसूस हो सकते हैं।
नहीं, बच्चों और वयस्कों दोनों में ही कोरोना वायरस के लक्षण लगभग एक जैसे होते हैं।
यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कहाँ रहते हैं और आपके इलाक़े में इस महामारी का प्रभाव कितना है। अगर आप कोरोना वायरस संक्रमित इलाक़े में रहते हैं या ऐसे में जा रहे हैं तो आप में संक्रमण होने का ख़तरा भी बढ़ा जाएगा। अगर आप किसी संक्रमित व्यक्ति या ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आते हैं जो वायरस संक्रमित प्रदेश से यात्रा करके लौटा है, तो संक्रमण की पुष्टि के लिए आपको भी जाँच करवाने की ज़रूरत पड़ेगी।
कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी के दौरान चिंतित होने स्वाभाविक है। हालांकि, घबराने की जगह आपको ज़रूरी उपाय करने चाहिए। हम आपको स्वास्थ्य बीमा लेने की भी सुझाव देंगे ताकि अगर भविष्य में आपको इस संक्रमण के इलाज की ज़रूरत पड़ती है तो आपके अस्पताल आदि के ख़र्चों का निपटान आसानी से हो सकेगा। एचडीएफसी अर्गो के स्वास्थ्य बीमा में कोरोना वायरस से संबंधित इलाज के ख़र्च भी शामिल होते हैं।
कोरोना वायरस एक प्रकार का वायरस है जो जानवरों या इंसानों में संक्रमण फैला सकते हैं। कोविड-19 भी कोरोना वायरस से होने वाली बीमारियों में से एक है।
अगर कोविड-19 से संक्रमित व्यक्ति खाँसता या छींकता है और ऐसा करते हुए अगर उसके नाक या मुँह से निकलने वाली छोटी बूँदों से संक्रमण फैल सकता है। यह बूँदें किसी सामान या सतह पर गिरती हैं और अन्य व्यक्ति उस सामान या सतह को छूने के बाद अगर अपनी आंखें, नाक या मुँह को छूता है तो वह संक्रमित हो सकता है। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति से ये संक्रमित बूँदें अन्य व्यक्ति तक सांस लेने के दौरान भी जा सकती हैं और कोविड-19 का संक्रमण हो सकता है। इसीलिए यह सुझाव दी जाती है कि आप संक्रमित व्यक्ति से 1 मीटर (3 फ़ीट) की दूरी पर ही रहें।
वर्तमान में सामान्य लक्षण होने पर लोगों का इलाज और उनका ठीक होना मुमकिन है लेकिन अभी तक कोरोना वायरस के लिए कोई वैक्सीन या दवा उपलब्ध नहीं है।
ख़ुद को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए ज़रूरी उपाय और परहेज़ करने चाहिए। इसके अलावा सामाजिक दूरी, 20 सेकंड तक हाथ धोना, खाँसते और छींकते समय मुँह और नाक ढकने जैसी ज़रूरी बातों का भी पालन करना चाहिए। अगर आपको खांसी के लक्षण या सांस लेने में तकलीफ़ महसूस हो तो आपको तुरंत अपनी जाँच करवानी चाहिए।
नहीं। कोविड-19 और वर्ष 2003 में सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (सार्स) का संक्रमण एक ही परिवार के वायरस से फैला है लेकिन उन वायरस से होने वाली बीमारियाँ अलग अलग हैं। ज़ाहिर सी बात है कि सार्स बीमारी बेहद ख़तरनाक थी लेकिन उसकी तुलना में कोविड-19 ज़्यादा संक्रामक है। हालांकि 2003 के बाद से विश्व में कहीं भी सार्स का ख़तरा दुबारा देखने को नहीं मिला है।
अगर आप कोरोना वायरस से संक्रमित हैं या आप संक्रमित व्यक्ति की देखभाल कर रहे हैं तभी आपको मास्क लगाना चाहिए। इस महामारी के दौरान पूरे विश्व में मास्क की बहुत कमी हो गई है और ऐसे में मास्क का इस्तेमाल बहुत समझदारी से करना चाहिए।
2-14 दिनों के बीच कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हो जाती है।
कोरोना वायरस काग़ज़ या कपड़े की तुलना में धातु और प्लास्टिक पर ज़्यादा देर तक ज़िंदा रहता है। ताज़ा शोध में पता चला है कि यह वायरस हवाएं के 3 घंटे, तांबे पर 4 घंटे और कार्डबोर्ड पर 24 घंटों तक जिंदा रह सकते हैं। वहीं प्लास्टिक पर 24 और स्टेनलेस स्टील पर 24 घंटों तक ज़िंदा रह सकते हैं। हालांकि यह सुनिश्चित नहीं है लेकिन संभावित अवधि यही है।
कोरोना वायरस के आगे नोवेल शब्द लगाने का मतलब है कि एक वायरस परिवार से संबंधित यह वायरस अन्य वायरसों से अलग है। इसका अर्थ यह है कि कोरोना वायरस के विभिन्न प्रकार होते हैं लेकिन इस वायरस की पुष्टि इंसानों में नहीं हुई थी इसलिए इसे नोवेल कहा जा रहा है। लेकिन इसका आधिकारिक नाम कोविड-19 है।
विश्व स्वास्थ्य संस्था के अनुसार किसी वायरस और बीमारी को नाम देने के लिए विभिन्न प्रक्रियाएं और प्रयोजन होते हैं। यह नाम वायरस के परिवार, उसके विकास, और निदान पर निर्भर करता है। शुरुआत में आइसीटीवी, इसे सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम कोरोना वायरस 2 नाम दिया गया था लेकिन सार्स महामारी के दौरान एशियाई देशों में इसके प्रभाव को देखकर विश्व स्वास्थ्य संस्था के नियमों एवं मानदंडों के अनुसार इसका नाम बदलकर कोविड-19 कर दिया गया। विश्व स्वास्थ्य संस्था ने 11 फ़रवरी 2020 को इस नई बीमारी का नाम कोविड-19 रखा।

कोरोना वायरस के बारे में अधिक जानकारी

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हम अपने आस पास कोरोना वायरस से जुड़ी ढेर सारी ख़बरें सुनते रहते हैं या सोशल मीडिया पर आए मैसेज पढ़ते हैं, लेकिन आपको यह समझना बहुत ज़रूरी है कि इनमें से बहुत सारी ख़बरें झूठी होती हैं।


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अगर आपको संक्रमण से सामान्य लक्षण जैसे सर्दी, सूखी खाँसी, सांस लेने में तकलीफ़ या बुखार महसूस हो तो तुरंत अपने नज़दीकी अस्पताल में संपर्क करें


ज़रूरी जानकारी
कृपया ध्यान दें कि ऊपर दी गयी जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय एवं विश्व स्वास्थ्य संस्था की वेबसाइट से ली गयी है। हम किसी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी सलाह या परामर्श नहीं देते हैं, यह पेज सिर्फ़ जागरूकता और जानकारी प्रदान करने के लिए है। अगर आपको कोई भी संभावित लक्षण महसूस होते हैं तो कृपया डॉक्टर से संपर्क करें।

 

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